mai gawaar hu

Bhavani Prasad Mishr

Posted by mdasif on February 20, 2015

मै गँवार हूँ और गधा हूँ
क्योंकि मैं अपने वचनों से बंधा हूँ
तुम होशियार हो और हंस हो
क्योंकि अपनी प्रतिज्ञाओं के ध्वंस हो
हमने जो कह दिया सो करते रहे
अपने कहे पर मरते रहे
तुमने जो कहा सो कभी किया नहीं
जीवन इस तरह सुख से जिया
और फिर भी मैं खुश हु इस पर
कि मै गँवार हूँ और गधा हूँ
क्योंकि मैं अपने वचनों से बंधा हूँ