मै गँवार हूँ और गधा हूँ
क्योंकि मैं अपने वचनों से बंधा हूँ
तुम होशियार हो और हंस हो
क्योंकि अपनी प्रतिज्ञाओं के ध्वंस हो
हमने जो कह दिया सो करते रहे
अपने कहे पर मरते रहे
तुमने जो कहा सो कभी किया नहीं
जीवन इस तरह सुख से जिया
और फिर भी मैं खुश हु इस पर
कि मै गँवार हूँ और गधा हूँ
क्योंकि मैं अपने वचनों से बंधा हूँ